देश
को आजादी भले ही कांग्रेस की देन बताई जाती हो लेकिन एतिहासिक सत्य यह है कि मुंबई
में भारतीय सैनिक क्रांति नहीं करते तो भारत आजाद नहीं होता. कांग्रेस के 1942 में चले ‘भारत छोडो आन्दोलन’ को दो वर्ष में ही
अंग्रेजों ने कुचल दिया और लगभग पूरी कांग्रेस जेल में डाल दी थी. स्वयं महात्मा गांधी
को जेल से तभी छोड़ा गया जब वो मृत्यु के निकट पहुँच गये. असफल आन्दोलन के बाद भी
स्वतंत्रता को कांग्रेस की दें बता दिया गया जबकि असली कहानी छुपी रही.