महरौली स्थित क़ुतुब मीनार इतिहास के उसी पन्ने
का हिस्सा है जो न सिर्फ अपष्ट है बल्कि जानबुझकर छेड़छाड़ कर उसे विकृत भी किया गया
है. इस्लामिक वास्तुकला के नायाब उदाहरण के रूप में प्रस्तुत की जाने वाली कुतुबमीनार
के इस तथ्य से सभी परिचित हैं कि पुरे परिसर का निर्माण हिन्दू और जैन मन्दिरों को
तोड़कर किया गया लेकिन यह भी एक तथ्य है कि कुतुबमीनार का निर्माण इस्लामिक
आक्रान्ताओं ने नहीं बल्कि उससे काफी पहले हो चुका था. उन्होंने सिर्फ इसको एक
इस्लामिक ढांचे में बदल दिया.